Kuchh Toh Huaa Hai Best Hindi Poetry Of Shekhar sharma

कुछ तो हुआ है ?

पहले भी मेरा दिल धड़कता था,

लेकिन इस तरह से मचलता ना था

मैं पहले भी बोला करता था,

लेकिन इस तरह से चहकता ना था

कुछ तो हुआ है ?

मैं पहले भी सोया करता था,

लेकिन इस तरह के सपने आता ना था

मैं हमेशा खुश रहा करता था,

लेकिन इस तरह से मुस्कुराता ना था

कुछ तो हुआ है ?

मैं पहले भी गुनगुनाया करता था,

लेकिन इस तरह से गाता ना था

पहले मैं हर लड़कियों को देखा करता था, for

लेकिन इस तरह से नजरें चुराता ना था

कुछ तो हुआ है ?

पहले भी उसे देख लिया करता था,

लेकिन इस तरह से बेताब होता ना था था

वह जब दिखती थी तो सोचा करता था,

लेकिन इस तरह से सपने सजाता ना था था

कुछ तो हुआ है ?

पहले मैं टीचर की जोक्स पर हंसा करता करता था,

लेकिन इस तरह से उछलता ना था था

पहले भी क्लास के लड़के तुमसे बात किया करते थे,

लेकिन तुमसे बातें करता देख में इस तरह से जलता ना था

पहले मैं तुम्हारे बगल में बैठ लिया करता था,

लेकिन इस तरह से हक जताता ना था

कुछ तो हुआ है ?

मैं पहले भी हर रोज सुबह उठा करता था,

लेकिन इस तरह से मंदिर जाता ना था था

पहले तो मैं भगवान को नमस्कार किया करता था,

लेकिन इस तरह से मन्नतें मांगता ना था

कुछ तो हुआ है ?

पहले

भी मैं अपने बालों को संभाला करता था,

लेकिन इस तरह से सहलाता ना था

पहले शेखर शायरी लिखा करता था,

लेकिन इस तरह से प्यार की बातें बताता ना था

कुछ तो हुआ है ?

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