Aaj subah tumhaari yaad aane lagi hai – hindi poetry

अच्छा लगता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई सुबह जुड़ी हो किसी हसीन शाम के साथ

कभी तुम्हारी याद आती है कभी तुम्हारे ख्वाब आते है
मुझे सताने के सलीके तो तुम्हे बेहिसाब आते है

आज सुबह तेरी याद आने लगी थी
पूरा एक साल हो गया जब तू मुझसे दूर जा रही थी
कैसे तू बहाने बनाने लगी थी
जब तू मुझे छोड़ किसी और को चाहने लगी थी

शक तो हो गया था मुझे भी इस बात का
जब बन्द हो गया था तेरा मैसेज आना रात का

कैसे एक पल में मुझे भुलाने लगी थी
जब मुझे छोड़ गैर को अपना बताने लगी थी

आज सुबह तेरी याद बहुत आने लगी थी
वो बीती बातें फिर से मुझे रुलाने लगी थी

दिल के सागर में लहरे उठाया न करो।
ख्वाब बनकर नींद चुराया न करो।
बहुत याद करता है मेरा दिल तुम्हे
ख्वाबों में आके यूँ तड़पाया न करो

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