Hindi poetry By Aashu

कभी किसी दिन पुरानी यादों को फिर से जीना चाहूंगा मैं….
बचपन की शैतानी
हल्की फुल्की नादानी,
मम्मी के हाथ से खाना
पापा की दिलायी फ्रूटी फिर से पीना चाहूंगा मै ।
कभी किसी दिन पुरानी यादों को फिर से जीना चाहूंगा मैं ।।

भाई बहनों से नोकझोक,
फिर सब मिलकर शरारतें करना,
जिसकी होती हमपे रोक टोक ,
मिलकर सबके संग आगे वाले कमरे में देर रात तक फिर से बैठना चाहूंगा मै,
कभी किसी दिन पुरानी यादों को फिर से जीना चाहूंगा मैं।।

दोस्तों संग मिलकर खूब धूम मचाना,
दोस्त को खुश देख उसका मजाक बनाना,
दोस्त को दुखी देख सारी दुनिया का मजाक बना के उसे हसाना,
उन यारों संग दूर कहीं फिर से घूमने निकाल जाना चाहूंगा मै,
कभी किसी दिन पुरानी यादों को फिर से जीना चाहूंगा मैं।।

किसी के प्यार में पड़कर जीवन के नए मायने जानना,
उससे जुड़ी हर बात पे मुस्कान
उसकी कही हर बात को मानना,
हां, उसकी एक झलक देखने फिर से उस गली जाऊंगा मै ।
कभी किसी दिन पुरानी यादों को फिर से जीना चाहूंगा मैं।।

लेखक – Aashu

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