Hindi poetry By Chad

तेरे नूर पे नज़्म लिखने को दिल करता है
तेरी रूह से अब मिलने को दिल करता है

चाँद सी रोशन सूरत पर लिखू तो क्या लिखू
तेरे हुस्न से गुलों सा खिलने को दिल करता है

दो चार कदम चला हु तेरी यादों के सहारे
ज़िंदगीभर तेरे साथ चलने को दिल करता है

आफताब सा तुझपे दिन भर पहरा गड़ाए हु
अघोश मे तेरी अब ढलने को दिल करता है

हरपल, हरघडी तुझे देख कर मैं जी रहा हु
बाहो में तेरी अब मरने को दिल करता है

  • लेखक – Chad

ग़मों का आना जाना कभी कम नहीं होता।
दर्दों का ये सिलसिला खतम नहीं होता।

लोग अक्सर कहते है भूल जाओ उसे,
आसान होता भुलाना तो गम नहीं होता।

लेखक – Chad

आखों में तसवीर जुबां पे तेरा नाम है
जाम का नशा नहीं ये इश्क़ का अंजाम है।

लेखक – Chad

माना की उसकी जुदाई खलती है
तन्हाइयों से मेरी रूह भी जलती है

पर कैसे छोड़ दूं इन दर्दों को मैं
मेरी कलम भी तो इन्ही से चलती है

लेखक – Chad

इश्क़ हुआ बदनाम तेरे यू जाने के बाद
क्योंकि टूट गया दिल, दिल लगाने के बाद

लेखक – Chad

लोग कहते थे प्यार जताना सीखो
और दिल से दिल को लगाना सीखो

जब किसीसे लगाते ही टूट गया दिल,
तो कहते है अब उसे भूल जाना सीखो

लेखक – Chad

Leave a Comment