Dil Ki Baat – Ek Wajah

हर इंसान एक जैसा नही होता और न ही कभी हो सकता है लोग जैसे बोलते है जैसे कहते है वास्तव में वो वैसे नही होते है वे दिखावा करते है पर इस दिल को कौन समझाए ये दिल उसी पे आता है जो इसे चकना चूर करने में कोई कसर नही छोड़ता खुद तो दिल टूटता ही है और साथ में आँखों को भी खून की आँशु रुलाता है खर इन सब का कोई मतलब नही होता मेरे जीवन में,,,, पर है,,,

जब लोगों के पास कोई वजह नही होती है न लाइफ में तो वह अपनी जिन्दगी अपनी तरह से जीते है न ज्यादा ख़ुशी न ज्यादा गम खुद में मस्त रहना बचपना में रहना यही होता है उसके लाइफ पर जैसे हि कोई वजह आ जाता है जीवन में उसका लाइफ तुरंत दूसरी मोड़ ले लेती है पहले तो शुरुवात में, क्या कहना कन्हा से वो झलक आ जाती है चेहरे पर जो कभी इससे पहले महसूस नही हुआ था, और फिर क्या क्या वादें होते है वो सब आपलोग जानते ही होंगे और इन सब में सबसे बड़ी बात, की किसी का लत लग जाना और इसे एक तरह से बिमारी भी कह सकते है

इसके बाद न लोग खुद के लिए कम और उसके लिए ज्यादा जीते है और यही आदत धीरे धीरे इतना बिकराल रूप ले लेती है आप चाह कर भी खुश नहीं रह सकते और एक खुशहाल जीवन आहिंस्ते आहिंस्ते एक घोर अँधेरे में चली जाती है वही वजह जिसके आने से आप खिल उठे थे आपके चेहरे पे रौनक आ गयी थी  बेवजह हँसना कुछ याद करके सारी चीजें खुबशुरत लगना  फिर आपको पता चले जो वजह था वो वजह किसी वजह से आया था और वो वजह ख़त्म होने पर आपको तो अनदेखी करेगी ही और एक हंशी ख़ुशी जिन्दगी तबाह कर देता है आपकी मुस्कान छीन लेता है और सब दिन के रोने के वजह बन जाता है और एक चीज आपके पास छोड़ ही जाती है यादें जिसे आप जितना याद कर सकते है

खैर इन सब से प्रिया का कोई तालुक नहीं बस बैठे बैठे ये ख्याल आया तो इसे एक रूप दे दी |

Writer – Priya Sharma

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